Mp Teachers News : पुरानी पेंशन बहाल की जाए काम 100% तो वेतन 70% क्यों ?

 मध्यप्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के जिला अध्यक्ष रॉबर्ट मार्टिन ने बताया कि बरगी तहसीलदार सुश्री सुषमा धुर्वे को प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर प्रदेश के कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करने हेतु मांग की गई

 क्योंकि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्त के बाद जीविकोपार्जन के लिए एकमात्र सहारा है क्योंकि व्यक्ति सरकारी नौकरी करता ही इसलिए है कि उसे सेवानिवृत्त के बाद पेंशन बुढ़ापे का सहारा होगी जिससे उसका जीवन यापन हो सके परंतु सरकार द्वारा कर्मचारियों को पुरानी पेंशन उनका भी छीना जा रहा है जिससे प्रदेश के कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। 

समिति के जिलाध्यक्ष रॉबर्ट मार्टिन, स्टेनली नारबट शहिर मुमताज, दिनेश गौड़, सुनील झारिया, उमेश ठाकुर, अफरोज खान, नीरज मरावी, रउफ़ खान, अजय गांधी, मानसिंह आर्मो, रवि जैन, मनोज, सतीश त्रिपाठी, सतीश दुबे, विजय झारिया, रवि शंकर केवट, देवेंद्र पटेल, दिनेश बिसेन, कविता झारिया, उमा सैयाम, नीरज वर्मा, आशीष जायसवाल, निर्मल पोरते, बबीता बिसेन, धनेश्वरी तेकाम, वंदना साहू, अतुल सोनी, राजेंद्र प्रधान, मनोज साहू, त्रिलोक मरावी मुख्यमंत्री से मांग की है कि कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल की जाए। 

शहडोल ( अविरल गौतम )। 6 महीने पहले नियुक्त हुए नवनियुक्त शिक्षकों ने जिला कलेक्ट्रेट में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहानजी के नाम एक ज्ञापन सौंपा है जिसमें उन्होंने मांग की है 

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कि जो न्यूनतम वेतनमान शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 के विज्ञापन में माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी के कार्यकाल में निकाला गया था जिसमें नियुक्ति दिनांक से ही पूर्ण वेतन तथा 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि शामिल थी को फिर से लागू किया जाए बीच में सत्ता परिवर्तन होने पर तत्कालीन मध्य प्रदेश सरकार ने न्यूनतम वेतन की जगह स्टाइपेंड लागू कर दिया है जिसके तहत अब नियुक्ति के बाद पहले वर्ष 70 व दूसरे वर्ष 80ल व तीसरे वर्ष 90 लतब कहीं जाकर चौथे वर्ष पूर्ण वेतनमान तक कर्मचारी पहुंच पाएंगे ऐसे में एक तरफ कर्मचारियों को 13000 से 16000 प्रति माह का नुकसान झेलना पड़ रहा है साथ ही 3 वर्षो तक वेतन वृद्धि से भी वंचित होना पड़ रहा है। नवनियुक्त जाए। जाए।

शिक्षकों का कहना है कि 2019 में रिजल्ट घोषित होने के बाद वैसे भी उनकी नियुक्ति में 2 से 3 वर्ष की देरी हो चुकी है साथ ही अब ऐसे कई साथी हैं जिनकी उम्र 40 वर्ष से ऊपर हो गई है वह महज 20 से 22 वर्ष की सेवा में ही रह पाएंगे। सभी नवनियुक्त शिक्षकों ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी बात माननीय मुख्यमंत्रीजी के पास तक पहुंचाने का प्रयास किया है और निवेदन किया है कि उनका वेतनमान और परिवीक्षा अवधि विज्ञापन के अनुसार यथावत किया जाय ।

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