Madhyapradesh News : मात्र 10 रुपए में वॉट्सऐप पर मिलेंगे नक्शे - खसरे

 शिवराज कैबिनेट की बैठक में गुरुवार को कई अहम फैसले हुए सरकार ने किसानों के लिए खरीफ फसल लोन चुकाने की डेट बढ़ढ़कर 15 अप्रैल कर दी है। 

  • ग्रामीण परिवहननीतिके पायलट
  • प्रोजेक्ट को स्वीकृति इंटीरियर इलाकों में चलाई जाएंगी 20 सीटर बसें
  • प्रदेश सरकार ने रेत खदानों की नीलामी को भी मंजूरी दी

यह डेट आज 31 मार्चको ही समाप्त हो रही थी। इस बढ़ी हुई अवधि के दौरान लगने वाले ब्याज की राशि करीब 60 करोड़ रुपए भी राज्य सरकार भरेगी। अब 10 रुपए में नक्शे, खसरे जैसे दस्तावेज मोबाइल पर मिलेंगे। 181 के जरिए से मिलने वाली लोक सेवा गारंटी की सुविधा मोबाइल पर दी जाएगी।

 वॉट्सऐप पर यह सुविधा उपलब्ध रहेगी। लोग वॉट्सऐप पर खसरे नक्शे, ऋण पुस्तिका जैसे दस्तावेज की कॉपी प्राप्त कर सकते है। ग्रामीण क्षेत्रों में बस चलाने वालों को मोटर यान अधिनियम में छूट दी जाएगी।

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 ट्राइबल डिस्ट्रिक्ट में पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में लोक परिवहन सेवा शुरू करने के लिए ग्रामीण परिवहन नीति को मंजूरी दी गई। इसे रूरल ट्रांसपोर्ट क्रेडिट (ॠअष्ट) के तहत विदिशा जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विदिशा जिले में लागू किया जाएगा।

 रेत उपलब्ध कराने के लिए तीन महीने के लिए अस्थाई रूप से रेत खदानों की नीलामी करने को मंजूरी दी है। सेमरिया माइक्रो सिंचाई परियोजना को कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है।

इंटीरियर में 20 सीटर बसें बड़े रूट्स की बसों से जोड़ेंगी

सरकार के प्रवक्ता व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि मप्र में लागू की जा रही ज्जष्ट व्यवस्था संभवतः देश में पहला पायलट प्रोजेक्ट होगा। परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत बस संचालकों को मोटरयान में छूट देंगे। इंटीरियर इलाकों में 20 सीटर बसें चलाई जाएंगी। इन बसों का संचालन ऐसा किया जाएगा कि उनके रूट्स बड़ी बसों के मार्ग को जोड़ें। पायलट प्रोजेक्ट सफल होने पर इसे प्रदेशभर में लागू किया जाएगा।


आदेश मांगने की आड़ में आपत्ति लगा रहे कोषालय अधिकारी 

अधिकारी दिखाई ना देने के नाम पर आपत्ति समझ कर्मचारी संयुक्त मोर्चा संरक्षक योगेन्द्र आती थी लेकिन देयक के साथ वित्त दुबे, जबलपुर जिलाध्यक्ष अटल उपाध्याय विभाग के आदेश स्कैन करने की नई ने बताया है की जिला कोषालय अधिकारी आपत्ति से आहरण अधिकारी देयक ही नहीं वित्त विभाग के आदेश देयक के साथ लगा रहे है।

 जिससे रिटायर हो रहे कर्मी या भेजने की नई आपत्ति लगा रहे है। जबकि मृत कर्मी के उपदान के देयक ही नहीं लगाए सभी शासन के वित्त विभाग के आदेश की जा रहे है। कार्यभारित स्थापना, स्थाई दल प्रति कोषालय के पास होती है।

 मध्यप्रदेश के कुशल, अर्द्धकुशल, अकुशल कर्मियों लिपिक वर्ग कर्मचारी संघ के यू एस को उपदान 10 लाख रुपये अधिकतम देने करोसिया ने नियमों के अनुसार कार्य करने के विभागीय प्रमुखों के आदेश है लेकिन वाले कोषालय अधिकारी द्वारा नियम जिला कोसालय अधिकारी को वित्त मांगने की आपत्ति को गलत बताया है। दो विभाग का आदेश चाहिए। 

आदेश ना होने बच्चों के पश्चात चिकित्सा प्रति पूर्ती की से वह अधिकतम 3,50,000 / तीन लाख पात्रता नहीं, 3000 हजार रुपये से अधिक पचास हजार रुपये उपदान ही स्वीकृत कर के चिकित्सा देयक के साथ चिकित्सा रहे है। इससे रिटायर कर्मी या मृत कर्मी के बोर्ड का प्रमाण पत्र संलग्न करने, ओव्हर परिजनों को लाखों रुपये कम उपदान की इटिंग होने, अधिकारी की पद मुद्रा साफ राशि दी जा रही है। 


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