Mp Board Exam 2022 : एमपी बोर्ड [MPBSE] की परीक्षाए शुरू,33 फीसदी से कम अंक वाले होंगे फेल

मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (mpbse) की कक्षा पांचवी और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गई है और इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी हम आपको इस पोस्ट में देने वाले हैं।

Mp Board Exam 2022 

बोर्ड की तर्ज पर आज से प्रारंभ बोर्ड की तर्ज होंगी पांचवीं-आठवीं की परीक्षाएं

प्रदेशभर में 28, 784 परीक्षा केंद्र बनाए, राजधानी में 347 केंद्रों पर होगी परीक्षा

सरकारी स्कूलों में 5वीं एवं 8वीं की वार्षिक परीक्षाएं शुक्रवार से शुरू हो रही हैं। प्रदेशभर में इस परीक्षा के लिए 28, 784 एवं भोपाल जिले में 347 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। दोनों कक्षाओं में 17.25 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। इसमें पांचवीं के 8.81 लाख एवं 8वीं के 8.44 लाख विद्यार्थी हैं।

सभी विषयों के पेपर 100 अंक के होंगे। 60 अंक का लिखित प्रश्नपत्र एवं 40 अंक होमबेस्ड प्रोजेक्ट कार्य के आधार पर दिए जाएंगे। प्रदेश में 2007-08 तक 5वीं एवं 8वीं की बोर्ड परीक्षा होती थी। 
लेकिन आरटीई लागू होने के बाद पहली से 8वीं तक के छात्रों की परीक्षा बंद कर वार्षिक मूल्यांकन पास होने के लिए मिलेंगे दो मौके। शुरू किया गया था। आरटीई के तहत किसी भी छात्र को फेल नहीं किया जा सकता था। इससे कमजोर छात्र भी पास होने लगे। केंद्र सरकार की अनुमति से मप्र शासन ने 2019 में आरटीई में संशोधन किया। इसके तहत 5वीं व 8वीं के विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा ली जाएगी। फेल विद्यार्थियों को आगे की कक्षा में प्रमोट नहीं किया जाएगा। 
Mp Board exam Result 2022


परीक्षा एक नजर में

  1. 100 अंक के सभी विषयों के पेपर।
  2. 60 अंकों की होगी लिखित परीक्षा, 40 अंक प्रोजेक्ट कार्य के होंगे।
  3. पास होने के लिए 33% अंक । 
  4. अभी तक एक साथ होती थी, मिडिल प्राइमरी तक की सभी परीक्षाएं।


33 फीसदी से कम अंक वाले होंगे फेल

 परीक्षा में 33 फीसदी से कम अंक वाले विद्यार्थियों को फेल किया जाएगा। हालांकि मुख्य परीक्षा के बाद पास होने के लिए एक मौका दिया जाएगा। इसके बाद भी किसी विद्यार्थी का पेपर बिगड़ता है और वह राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा निश्चित अंक प्राप्त नहीं करता है, तो उसे फेल कर दिया जाएगा।

35 हजार अधिक परीक्षार्थी होगेश शामिल 500 से अधिक बनाए गए परीक्षा केंद्र

 समाचार | सीधी जिले में कक्षा पांचवीं और आठवीं कक्षा की परीक्षाएं आज 1 अप्रैल से बोर्ड परीक्षाओं की तर्ज पर शुरू हो रही हैं। परीक्षा में दोनों कक्षाओं के 35 हजार से भी अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा के आयोजन की जिला शिक्षा केंद्र की ओर से तैयारिया की जा रही हैं।
 परीक्षा के आयोजन के लिए जिले के 500 से भी अधिक प्राइमरी और मिडिल स्कूलों को केंद्र बनाया जाएगा। संबंधति हेड मास्टरों को ही केंद्राध्यक्ष का प्रभार रहेगा। शिक्षा विभाग की ओर से बीते दिनों कक्षा 5वीं और 8वीं की परीक्षा के लिए समय सारणी जारी कर दी गई है। जिसके तहत परीक्षा एक मार्च से आयोजित की जा रही है। 
इस साल कक्षा 5वीं की परीक्षा में 17 हजार 462 परीक्षार्थी शामिल हो सकेंगे। वहीं 8वीं कक्षा की परीक्षा में शामिल होने के लिए 17 हजार 692 परीक्षार्थी दर्ज हैं। इस प्रकार से दोनों कक्षाओं की परीक्षा में शामिल होने के लिए जिले में कुल 35 हजार 154 परीक्षार्थी शामिल हो सकेंगे। इनके लिए पांच सौ से भी अधिक प्राइमरी और मिडिल स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।

 परीक्षा की समय सारणी

 परीक्षा की समय सारणी में आज 1 अप्रैल को कक्षा 5वीं की प्रथम भाषा हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू मराठी, आठवीं की प्रथम भाषा विशिष्ट हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू मराठी व सहायक वाचन की परीक्षा होगी। 
इसी तरह से 4 अप्रैल को पांचवी की समान्य हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू  मराठी व कक्षा आठवीं की सामान्य हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू मराठी की परीक्षा होगी।
 5 अप्रैल को कक्षा पांचवी के द्वितीय भाषा सामान्य अंग्रेजी व आठवीं के विज्ञान की परीक्षा होगी। 6 अप्रैल को कक्षा 5वीं गणित, संगीत दृष्टिबाधित के लिए कक्षा आठवीं गणित, संगीत दृष्टि बाधित के लिए 17 अप्रैल को कक्षा पांचवी में अतिरिक्त विषय उर्दू मराठी आदि विषय, कक्षा आठवीं में तृतीय भाषा सामान्य संस्कृत, उर्दू पंजाबी, मलयालम, चित्रकला मुकदमों के लिए होगी।
 8 अप्रैल को कक्षा पांचवी में पर्यावरण अध्ययन व आठवीं में सामाजिक विज्ञान की परीक्षा होगी 9 अप्रैल को कक्षा आठवीं की द्वितीय भाषा संमान अंग्रेजी की परीक्षा होगी। परीक्षा केंद्र अध्यक्ष प्रतिदिन परीक्षा उपरांत उत्तर पुस्तिकाओं के पैकेट सील बंद कर उपस्थिति पत्रक सहित संकुल में भौतिक रूप से जमा कराया जाएगा।
 कक्षा पांचवीं एवं आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं इस वर्ष बोर्ड की तर्ज पर आयोजित होने से प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक भी परेशान हैं। दरअसल इससे पूर्व की स्थिति ये रही है कि बोर्ड परीक्षाएं पांचवीं एवं आठवीं की न होने के कारण शिक्षक पूरी तरह से स्वेच्छाचारी बने हुए थे। 
नके द्वारा यह नहीं देखा जा रहा था कि छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक योग्यता कैसी है। अधिकांश सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले पांचवीं एवं आठवीं के छात्र- छात्राओं की योग्यता काफी न्यून है। इस वजह से उन्हें परीक्षा के दौरान उत्तर पुस्तिका लिखने में भी काफी समस्याएं सामने आएंगी।

पोर्टल में प्रति दिन दर्ज होगा व्यौरा


कक्षा पांचवीं एवं आठवीं की परीक्षा में प्रतिदिन परीक्षा केंद्र में प्राप्त छात्र परिस्थिति को पोर्टल पर दर्ज करना होगा। 4 अप्रैल तक मूल्यांकन केंद्र प्रभारी नियुक्त किया जाएगा।

 11 अप्रैल को परीक्षा केंद्र से प्राप्त समस्त विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं के पैकेट आवंटित मूल्यांकन केंद्र में जमा कराया जाएगा। में अप्रैल तक प्रोजेक्ट कार्य साला प्रभारी द्वारा प्रोजेक्ट कार्य के प्राप्त अंको का पत्र संकुल केंद्र में जमा कराया जाएगा।

 संकुल प्राचार्य द्वारा अपने संकुल की समस्त शालाओं के परीक्षार्थियों के प्रोजेक्ट कार्य के प्राप्तांक पोर्टल पर दर्ज किए जाएंगे। दिव्यांगों को 30 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। 

दृष्टिहीन हादसे से दिव्यांग लिखने में असमर्थ अथवा लिखने वाले हाथ की हड्डी टूटी होने पर परीक्षार्थी को लेखक उपलब्ध कराया जाएगा। बोर्ड परीक्षा की तर्ज पर करीब दो दशक बाद पांचवीं एवं आठवीं की परीक्षाएं इस वर्ष होने से छात्र छात्राओं में काफी असमंजस की स्थिति निर्मित है।

 खासतौर से शासकीय विद्यालयों में पढ़? वाले विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों में ज्यादा बेचैनी देखी जा रही है। लोगों को इस बात की चिंता है कि कहीं परीक्षा परिणाम खराब न हो जाएं।


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