Mp Board Exam Questions Bank Useless For Students : प्रश्न बैंक में बड़ी लापारवाही

 दोस्तो मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ( mp board exam 2022 ) द्वारा आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षा ले लिए जो प्रश्न बैंक तैयार किए गए है उनमे स्टूडेंट को उपलब्ध करने में भारी लापरवाही सामने आई है । 

Mp Board Exam 2022
प्राचार्य एक्सीलेंस स्कूल में करते रहे इंतजार, अंग्रेजी में छपकर ही नहीं आए मॉडल प्रश्न बैंक

यहां हुई लापरवाही

एक्सीलेंस स्कूल में हाई और हायर सेकेण्डरी प्राचार्यों को किया गया वितरण - करीब 70 लाख रुपए की प्रिंटिंग स्थानीय स्तर पर कराई गई न्यूनतम 30 और अधिकतम 94 पेज का प्रश्नबैंक छपाया गया जागरण, रीवा 10वीं और 12वीं की परीक्षा में सिर्फ 9 दिन बचे हैं। इन चंद दिनों के पहले लाखों रुपए के प्रश्नबैंक छपवाए गए छात्रों ने स्कूल आना बंद कर दिया है। ऐसे में इन लाखों रुपए के प्रश्न बैंक बांटने के लिए प्राचार्यों को उपलब्ध कराए गए हैं। इसमें भी सिर्फ हिंदी में छपकर प्रश्न बैंक पहुंचे। अंग्रेजी छात्रों के लिए आए ही नहीं प्राचार्य इंतजार ही करते रह गए। स्कूल शिक्षा विभाग में अनियमितता की जितनी बातें की जाएं, उतनी कम है।

The principal kept waiting in the Excellence School, the model question bank did not even appear in English

Distribution done to high and higher secondary principals in Excellence School - Printing of about Rs 70 lakh was done locally, minimum 30 and maximum 94 pages question bank was printed Jagran, Rewa 10th and 12th examination only 9 days left. Before these few days, the students who were printed question banks worth lakhs of rupees have stopped coming to school. In such a situation, question banks of these lakhs of rupees have been made available to the principals for distribution. In this too, the question bank reached only by being printed in Hindi. Not only did the English students come, the principal kept waiting. The amount of talk about irregularities in the school education department is less.

पहले भी हो चुके है कई घोटाले

कई घोटाले और फर्जीवाड़ा यहां सामने आ चुका है। इसके बाद भी कोई सबक लेने को तैयार नहीं है। अब ताजा मामला 9 वीं से लेकर 12 वीं तक के छात्रों को वितरित होने वाले प्रश्न बैंक का है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए प्रश्न बैंक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इनकी छपाई स्थानीय स्तर पर टेंडर निकाल कर की जानी थी। हालांकि इसमें भी अनियमितता बरती गई। सूत्रों की मानें तो पहले यह काम जबलपुर की एक फर्म को दिया गया था। फिर इसमें बदलाव कर रीवा की ही एक एजेंसी को प्रश्न बैंक छापने का जिम्मा दे दिया गया। हद तो यह है कि बोर्ड परीक्षाएं 17 और 18 फरवरी से शुरू हो रही है। इसमें सिर्फ 9 दिन ही बचे हैं। इसके पहले छात्रों को प्रश्न बैंक वितरित करने की तैयारियां समझ से परे हैं। सूत्रों की मानें तो पूरे जिले के छात्रों के लिए यह प्रश्न बैंक छपवाए गए हैं। इसमें लाखों रुपए खर्च किया गया है। एक प्रश्न बैंक कम से कम 30 और अधिकतम 94 पेज का है। इससे ही इसकी कीमत का अंदाजा लगाया जा सकता है। मंगलवार से एक्सीलेंस स्कूल क्रमांक एक में प्रश्न बैंक के वितरण की शुरुआत की गई। यहां प्राचार्यों को बुला लिया गया था। प्राचार्य की हिंदी में प्रश्न बैंक तो उपलब्ध करा दिए गए लेकिन अंग्रेजी के छात्रों को नहीं मिले। अंग्रेजी मीडियम के छात्रों के लिए प्रश्न बैंक छप कर आए ही नहीं इस लापरवाही के कारण छात्रों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अंग्रेजी मीडियम के छात्र भी रीवा में कम नहीं है। मार्तण्ड स्कूल क्रमांक एक में ही अंग्रेजी माध्यम से पढ़ने वाले छात्र हैं। इसके अलावा कई तहसीलों में भी मॉडल स्कूलों का संचालन हो रहा है। इन सभी छात्रों को अंग्रेजी माध्यम के प्रश्न बैंक नहीं मिल पाए प्राचार्यों को निराश होकर लौटना पड़ा। Many scams and forgery have come to the fore here. Even after this, no one is ready to take a lesson. Now the latest case is about the question bank being distributed to the students from 9th to 12th. The School Education Department has instructed all the students to provide question banks for the preparation of the examination. Their printing was to be done at the local level by way of tender. However, there were irregularities in this also. If sources are to be believed, earlier this work was given to a firm in Jabalpur. After changing it, an agency of Rewa was given the responsibility of printing the question bank. The extent is that board exams are starting from February 17 and 18. There are only 9 days left in this. Before this the preparations for distributing the question bank to the students are beyond comprehension. If sources are to be believed, these question banks have been printed for the students of the entire district. Lakhs of rupees have been spent in this. A question bank is of minimum 30 pages and maximum of 94 pages. From this only its value can be estimated. From Tuesday, the distribution of question bank was started in Excellence School Number 1. The principals were called here. Question banks were made available in Hindi of the principal but students of English did not get it. The question banks for English medium students did not even get printed, due to this negligence, the students are facing huge losses. English medium students are also no less in Rewa. There are students studying in English medium in Martand school no. Apart from this, model schools are also being run in many tehsils. All these students could not get English medium question banks, the principals had to return disappointed.

कचरे में फेंका जाएगा प्रश्नबैंक 

छात्रों को  परीक्षा में लाभ मिले और उन्हें प्रश्न बैंक के माध्यम से तैयारी करने में मदद मिले। इसके लिए लाखों रूपए के प्रश्न बैंक रीवा में पाए गए इन बैंकों से छात्र को परीक्षा की तैयारी में फायदा मिलता। परीक्षा में किस तरह के प्रश्न आएंगे, वह सारी जानकारी प्रश्न बैंक में दी गई है। यह तैयारी को आसान बनने के लिए स्कूल शिक्षा की कोशिशों के ने इस प्रश्न बैंक को तैयार किया है, लेकिन अब यह सब स्कूल में ही पड़े रह जाएंगे और कचरे में फेंकी जायेंगे ।

Question bank will be thrown in the garbage

 Students get benefits in the exam and help them to prepare through question bank. For this, question banks worth lakhs of rupees were found in Rewa, these banks would have benefited the student in the preparation of the examination. All the information about the type of questions that will appear in the exam is given in the question bank. To make this preparation easy, the efforts of school education have created this question bank, but now it will all be left in the school and thrown in the garbage.


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